करवाचौथ के लिए एक्साइटेड हैं...तो सारी तैयारियां और मेकअप से इधर इन बातों पर भी करें गौर...

डियर लेडीज़ आप बख़ुबी जानती हैं कि आज़ की फास्ट एंड फॉरवर्ड जिन्दगी में काफी कुछ बदल चुका है और ऐसे में अपने प्यार की दमक बरकरार रखना हो तो ध्यान दीज़िए...

 

सुहागनों के लिए करवाचौथ का व्रत और पूजन अखण्ड सौभाग्य देने वाला माना जाता है ।कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी को पत्नी अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती है और रात में चांद देखकर ही इस व्रत को तोड़ने की परंपरा है ।

करवाचौथ के पूजन से जुड़ी एक पौराणिक कथा है कि सात भाईयों वाली एक लड़की वीरावती यह उपवास करती है पर भाईयों को अपनी बहन का त्याग और भूखा रहना देखा नहीं जाता है और वे चांद निकलने के पूर्व ही एक पेड़ के पीछे मशाल जलाकर छल पूर्वक बहन को चंद्रदर्शन करवा देते हैं और इस तरह वीरावती का व्रत भंग हो जाता है ।

इस फरेब के कारण वीरावती अपने पति को खो देती है हालांकि बाद में विधि पूर्वक इस अनोखे वर्त की प्रक्रिया पूरी करने पर उनके पति को जीवन दान मिल जाता है । आज़ के ज़माने में यह कहानी वास्तविकता से भले ही कोसों दूर लग रही हो पर हमें एक महत्वपूर्ण संदेश ज़रुर देती है जो है सच्चाई और भरोसे का संदेश ।  

अगर आप की यह पहली करवाचौथ है तो ज़ाहिर है आपसे अधिक उत्साहित कोई भी नहीं होगा । शादी के जोड़े या महंगी साड़ी, लाल-लाल मैंहंदी, मैचिंग चुड़ी, बिंदी से लेकर पूरे सोलह श्रृंगार से परिपूर्ण दीवाली के दीये सी जगमगाने वाली हैं आप...और ये तैयारियां हो भी क्यूं ना आखिर आपके जीवनसाथी को भी तो इस खास मौके पर अपने चांद को निहारना होगा...।

डियर लेडीज़ आप बख़ुबी जानती हैं कि आज़ की फास्ट एंड फॉरवर्ड जिन्दगी में काफी कुछ बदल चुका है और ऐसे में अपने प्यार की दमक बरकरार रखना हो तो ध्यान दीज़िए...

. हमेशा त्याग और बलिदान ही नहीं है प्रेम- आपको अपने आस-पास ही कई जोड़े ऐसे भी मिलेंगे जो व्रत या रस्मों में विश्वास नहीं करते हैं । उनका फंडा बिल्कुल साफ रहता है कि पार्टनर के भूखा रहने से प्यार या उम्र बढ़ने की बातें बेकार हैं ।

वैसे दूसरे पहलू पर गौर करें तो आजकल प्रेम में आज़ादी की भावना ज्यादा है ना कि बंदिशों या त्याग करने की । कपल्स अब साथ मिलकर बाहर काम करते हैं और फिर घर में भी एक दूसरे की मदद को तत्पर रहते हैं । अब महिलाओं को त्याग और बलिदान की देवी मानने का समय जा चुका है ।  

. लुक ही नहीं जरुऱत के हिसाब से व्यवहार में भी लाएं बदलाव- हर त्योहार की तरह आप संवरकर उनके सामने आईए ज़रुर लेकिन कुछ बदलाव की गुंजाईश अगर आपके स्वभाव में हो तो करवाचौथ और भी खुशनुमा बन सकता है । पुरानी रंजिशों को भूलाकर दो कदम आप चलेंगे तो वो निश्चित रुप से आपको हमेशा के लिए थामने को फिर तत्पर हो जाएंगे ।

. ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजै...वक्त के साथ प्रेम के रंग को फीका ना पड़ने देना भी बड़ी चुनौती है और ये तभी ही हो सकेगा जब आपका अंतर मन खुशियों से खिला हुआ हो । आपकी सॉफ्ट स्किल आपके घरवालों को हमेशा ही एक सूत्र में पिरोकर रखेगी ।

जी हां शादी होने के बाद सिर्फ पति ही नहीं हैं जिन्हें आपका अटेंशन चाहिए अगर आप परिवार के साथ हैं तो उन्हें भी आपसे उम्मीदें होंगीअगर व्यक्तिगत रिश्ते और उसके बेहतर तालमेल की भी बात की जाए तो सबसे जरुरी है पारदर्शिता । फरेब की नींव पर ख्वाबों का महल कब तक टिक सकेगा । सच कहने-सुनने की एक प्रयास ही आपके रिश्ते को ताउम्र खास बना कर रखेगा ।

हमारी शुभकामना तो यही है कि सुहाग का ये अनूठा पर्व आपके जीवन को खुशियों के अनेकों रंग और रोमांस से भर दे...।