वो सिर्फ खाते, सोते, डकार और पॉटी करते हैं..कभी खुशी कभी गम.... करण जौहर अपने बच्चों पर

lead image

“असल में उनका घर आना कभी खुशी कभी गम मोमेंट था।मेरी मां हाथ में पूजा की थाल में लिए थी ठीक वैसे ही जैसे जया आंटी फिल्म में जलते दिए के साथ बहु के स्वागत के लिए खड़ी रहती है मेरी मां अपने पोता-पोती के स्वागत के लिए खड़ी थी।"

करण जौहर इन दिनों सातवें आसमान पर हैं।1998 में कुछ कुछ होता है रिलीज होने के बाद 2017 उनके लिए सबसे खास साल हमेशा रहेगा। इसका कारण है उनके जुड़वा बच्चे रूही और यश हैं जो इन दिनों चर्चा का विषय है।

पॉपुलर संडे मैगजीन को दिए इंटरव्यू में सिंगल डैड करण जौहर ने अपने जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद पहली बार खुलकर उनके बारे में बात की।

karan johar lead वो सिर्फ खाते, सोते, डकार और पॉटी करते हैं..कभी खुशी कभी गम.... करण जौहर अपने बच्चों पर

करण जौहर ने कहा कि वो हमेशा उस दिन को याद रखेंगे जिस दिन यश और रूही घर आए थे।ये कुछ ऐसा ही था जैसे 1998 में कुछ कुछ होता है के प्रीमियर के दौरान हुआ था। वो मेरी पहली फिल्म थी और मुझे आज भी याद है कि मैंने क्या पहना था और मैंने क्या क्या बोला था। जिस दिन मैं रूही और यश को घर लेकर आया था मेरी जिंदगी बदल गई।

एक्साइटेड पापा करण जौहर ने ये भी कहा कि असल में उनका घर आना कभी खुशी कभी गम मोमेंट था।मेरी मां हाथ में पूजा की थाल में लिए थी ठीक वैसे ही जैसे जया आंटी फिल्म में जलते दिए के साथ बहु के स्वागत के लिए खड़ी रहती है मेरी मां अपने पोता-पोती के स्वागत के लिए खड़ी थी।

जैसे ही वो घर आए करण जौहर ने सबसे पहले बच्चों को अपने पिता और उनके दादाजी के पास ले गए। पिता बनना उनकी जिंदगी के लिए सबसे अलग अनुभव है।

 

#karanjohar#portrait#with#twins#beautiful#familypic

A post shared by Namaste☺ (@india_bollywood_fashion_more) on

करण जौहर ने कहा कि पिता बनना एक रोलर कोस्टर राइड की तरह है। जब उनके कंसीव होने की मुझे खबर मिली थी मैं खुशी से झूम उठा था लेकिन मैंने खुद को कहा कि मैं एक जिम्मेदार पिता बनूंगा ना का बिल्कुल मोह में पागल मां। मेरी जिंदगी का एक सपना पूरा हो गया। मैं उन्हें अपनी गोद में लेने का इंतजार नहीं कर पा रहा था। ये अद्भुत था। मुझे पता था कि ये अलग तरह की शुरूआत है। मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत पल की शुरूआत।

करण जौहर ने कहा है कि उनकी फीलिंग बच्चों को लेकर किसी भी बाकी मां जैसा है ना कि सिर्फ पिता जैसा।

karan with twins lead वो सिर्फ खाते, सोते, डकार और पॉटी करते हैं..कभी खुशी कभी गम.... करण जौहर अपने बच्चों पर

उन्होंने ये भी कहा कि माएं ज्यादातर इस तरह के इमोशन से गुजरती हैं। पिता बाद में ऐसे इमोशन  से गुजरते हैं। लेकिन मैं शुरू से ही बाकियों मम्मियों के साथ ICU में था जहां 1.5 किलो से कम वजन के थे। जब भी उनका वजन बढ़कर 2 किलो हो जाता नर्स के चेहरे पर ये बताते वक्त अलग ही खुशी होती थी। मैं भी बाकि मांओं के साथ ये सेलिब्रेट करता था क्योंकि मेरी पूरी संवेदनाएं उनके साथ थी।

समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों का कैसे रखें ख्याल

समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को घर लाने के बाद उनका काफी ख्याल रखना होता है। उनकी हमेशा जांच करवाते रहना जरूरी होता है चाहे वो मानसिक, शारीरिक, उनकी दृष्टि या शारीरिक विकास की हो। यहां पढ़िए कुछ जरूरी बातें।

  1. प्रीमैच्योर बच्चों की त्वचा संवेदनशील और पतली होती है: प्रीमैच्योर बच्चों की तव्चा बहुत ही पतली और संवेदनशील होती है।अपने बेबी की तव्चा हमेशा पतले कपड़े से और सादे पानी से साफ करें। किसी भी तरह के साबुन का इस्तेमाल करें।
  2. हैंडल विद केयर : प्रीमैच्योर बच्चों को अच्छे से पकड़ना बहुत जरूरी होता है क्योंकि उनका शरीर बहुत नाजुक होता है। दो तरीकों से बेबी को आप पकड़ सकते हैं। एक तो हमारा पारंपरिक तरीका जिसमें बेबी को सूती के कपड़ो में अच्छे से लपेट कर रखते हैं। दूसरा त्वचा से त्वचा का कॉन्टैक्ट जिसे कंगारू केयर कहते हैं।
  3. बाहर जाना कम : हम ये सलाह देना चाहेंगे कि अगर बेबी का जन्म समय से पहले हुआ है बाहर ना ले जाएं। जितना हो सके शुरूआती 2-3 महीनों तक ना ले जाएं। हाथ अच्छे से धोकर ही बेबी को गोद लें।

इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें | 

Source: theindusparent