एक बेटी से माँ बनने का सफ़र - कितना ख़ास होता है ये एहसास!

एक बेटी से माँ बनने का सफ़र - कितना ख़ास होता है ये एहसास!

माँ बन्नने के बाद बेटी होने का एहसास कितना ख़ास हो जाता  है ये बस, एक माँ और बेटी ही जानते हैं| एक बेटी से माँ बनने का सफ़र कितना ख़ास होता है  ये इस वीडियो में साफ़ दिखाई  देता है |

 

तू मेरी ज़मीन तू मेरा आसमा है
मैं तेरे दिल का टुकड़ा हूँ ..
और तू मेरी जां है..
तुझसा दुनिया में और कोई कहाँ हैं ...
तू मेरी माँ है...

 

कितना ख़ास है माँ बनने से जुड़ा हर एहसास| हर उम्र में, हर हाल में कभी गाइड, कभी फ्रेंड तो कभी हिम्मत बन कर हमारे साथ कड़ी होती है माँ | उसके  प्यार-दुलार , डांट -फटकार और चिंता को हम तब तक समझ नहीं पते जब तक खुद उसकी जगह पर न पहुंच  जाएं |

 

 

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theIndusparent