एक गलती जो पेरेंट्स अनजाने में कर बैठते हैं

lead image

अगर आप 5 साल या उससे कम उम्र के बच्चे के पेरेंट्स हैं और उसकी दांतों में कालापन, या सड़ा हुआ सा देखते हैं तो इसके कारण आप ही हो सकते हैं।

अगर आप 5 साल या उससे कम उम्र के बच्चे के पेरेंट्स हैं और उसकी दांतों में कालापन, या सड़ा हुआ सा देखते हैं तो इसके कारण आप ही हो सकते हैं।“Nursing Bottle Syndrome (NBS) तब होता है जब आपमें बच्चे के दांत शुगर, दूध, जूस आदि के संपर्क में एक लंबे समय तक रहें ।" - हफिंगटन पोस्ट रिपोर्ट

"इससे दांत जल्दी टूटने लगते हैं जिससे 2 साल के बच्चों में भी फिल्लिंग्स, क्राउन आदि की नौबत आ जाती है।बच्चों के किताबों के ऑथर,रिपोर्ट के लेखक डेंटिस्ट हुमैराह शाह बताते हैं की आजकल बच्चों में दांतों की समस्या बहुत तेज़ी से बढ़ी है ।

"जब स्तनपान या बोतल से दूध पीते पीते बच्चे सो जाते हैं तो दूध उसके मुह में रातभर रहता है । मुँह में मौजूद बैक्टीरिया शुगर को एसिड में ब्रेक केटा है जिससे tooth decay यानी दांतों का गिरना शुरू हो जाता है" वो सलाह देती हैं की एक साल के बाद एक पानी का बोतल भी तैयार रखना चाहिए और बच्चे के दूध के बोतल को उससे बदल देना चाहिए ताकि मुँह में बचा हुआ दूध धूल जाए । "रात में उसे दूध पिलाने की आदत को धीरे धीरे कम करते जाएँ ।"

वो बताती हैं की NBS के मामलों में कम से कम $2000 का खर्च आ जाता है । " मेरे ज्यादातर NBS के मरीज 5 साल के कम उम्र के बच्चे हैं । मैंने उन्हें और उनके पेरेंट्स को परेशानी झेलते देखा है । जब बच्चों का इलाज़ होता है तो उसे देखकर पेरेंट्स रोने लगते हैं । सोच के देखिये अगर इतना पैसा हम इस न बैठाये जानेवाले मुद्दे को बताने में लगा दें तो कितना फायदा होगा।"

 src=http://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2016/04/story2 image.jpg एक गलती जो पेरेंट्स अनजाने में कर बैठते हैं

NBS से कैसे बचा जाये ।
हुमैराह कुछ तरीके बताते हैं जिससे NBS से बचा जा सकता है । :

  • 12 से 14 महीने के बीच में बच्चे का बोतल से दूध पीना छुड़वायें ।
  • दूध से भरे बोतल को बच्चे के पास 20 मिनट से ज्यादा न रहने दें।
  • जैसे ही बच्चे के दांत आने शुरू हों उन्हें ब्रश करना शुरू कर दें । या साफ़ भीगे कपड़े का इस्तेमाल करें ।
  • अगर कोई समस्या दिखाई दे ओ 12 महीने से पहले ही डेंटल एग्जामिनेशन शुरू कर देनी चाहिए ।
  • जूस और सोडा दांतों के गिरने के कारक हैं इनसे बचिए
  • बच्चे को हर 2-3 घंटे में फीड किया जाना चाहिए
  • ये टाइमिंग सुबह 8 बजे फिर 10 बजे फिर 12 बजे. जैसे हो सकती है ।
  • खाने के बीच में उन्हें केवल पानी पीना चाहिए
इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें  

Hindi.indusparent.com द्वारा ऐसी ही और जानकारी और अपडेट्स के लिए  हमें  Facebook पर  Like करें