इस वीडियो में देखिए कैसे जन्म के तुरंत बाद चलने लगा नवजात बच्चा

भले बेबी आपको थोड़ा चम्तकारिक लग रहा हो लेकिन इसे समझा पाना बेहद आसान है।फिजिशियन द्वारा रिव्यू किया हुए Verywell हेल्थ साइट के अनुसार स्टेपिंग रिफ्लेक्स के कारण असल में बच्चे चलना कुछ महीनों में शुरू कर देते हैं।

बच्चे ज्यादातर 9-12 महीने के बीच चलते हैं। लेकिन एक बेबी को देखकर ऐसा लग रहा मानो वो इतने लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकता।वो जन्म के साथ ही चलने की कोशिश करने लगा।

ब्राजील के एक फेसबुक यूजर Arlete Arantes  ने एक हैरत में डाल में देने वाला वीडियो शेयर किया है जिसमें तुरंत जन्म लिया नवजात शिशु अस्पताल में बेड पर चलने की कोशिश करता है। बेबी को डॉक्टर का सपोर्ट भी मिलता है और ऐसा लगता है जैसे बेबी चलने का पक्का इरादा बना चुका है।

इस वीडियो को 26 मई को पोस्ट किया गया था और कुछ दिनों बाद ही ये इंटरनेट पर वायरल हो गया। अब तक इसे 84 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं। आप भी देखिए इस वीडियो को।

https://www.facebook.com/arlete.arantes.94/videos/336828263402719/

ये कैसे संभव है?

भले बेबी आपको थोड़ा चम्तकारिक लग रहा हो लेकिन इसे समझा पाना बेहद आसान है। बच्चे बहुत तरह के रिफ्लेक्स के साथ जन्म लेते हैं। डासिंग या स्टेपिंग रिफ्लेक्स में बच्चे चलने या डांस करने लग जाते हैं।

फिजिशियन द्वारा रिव्यू किया हुए Verywell हेल्थ साइट के अनुसार स्टेपिंग रिफ्लेक्स के कारण असल में बच्चे चलना कुछ महीनों में शुरू कर देते हैं। जब आप बेबी को सीधे पकड़ेंगे और नीचे बिल्कुल समतल होगा तो वो खुद अपने पैर मारना और चलने की कोशिश करना शुरू कर देते हैं।

यहां एक 6 दिन के बेबी का हम एक और वीडियो दिखा रहे हैं जिसमें बेबी चल रहा है।

नवजात शिशुओं से संबंधी रिफ्लेक्स के महत्व के कारण डॉक्टर्स उनकी ताकत और मस्तिष्क के तंत्रो को देखते हैं कि ये अच्छे से काम कर रहा है या नहीं। इसलिए ये बच्चे जो वीडियो में दिखाए गए हैं वो बिल्कुल स्वस्थ्य हैं।

नवजात शिशुओं में रिफ्लेक्स

नवजात बच्चों में कई ऐसे तरह के रिफ्लेक्स होते हैं जो बड़े होने के बाद जाते हैं। जैसे बिना सोचे समझे अपने आप रिएक्शन देना। कई ऐसे होते हैं जो 3-6 महीने में जाता है।Healthline साइट के अनुसार और भी अलग अलग तरह के रिफ्लेक्स होते हैं जो आप भी अपने बेबी में पहचानें।

ग्रास्प रिफ्लेक्स 

ये सबसे प्यारा रिफ्लेक्स है जिसके बाद हर मां का दिल पिघल जाता है। जैसे ही आपका बेबी आपके पास आता है वो आपके उंगली को अपनी हथेली में ले लेता है और उसे जोर से पकड़ता है।

 

रुटिंग रिफ्लेक्स  

इस रिफ्लेक्स में बेबी के गाल या मुंह के कोने पर हल्का सा सहलाने शिशु तुरंत सहलाए गई जगह की तरफ मुंह करके अपने मुंह को खोलता है। इससे उन्हें स्तनपान कराने या बोतल से दूध पिलाने में आसानी होती है।

बैबिन्सिकी रिफ्लेक्स

इस रिफ्लेक्स में बेबी के सर से लेकर पैर तक में सहलाने या हल्का खरोचने पर वो उधर की तरफ मुड़ जाते हैं। बड़े होने के बाद भी कोई अगर ऐसा हमारे साथ करता है तो हमें भी गुदगुदी होती है।

 

टोनिंग नेक रिफ्लेक्स

जब बेबी लेटा हुआ होता है औऱ उनका शरीर औऱ सर एक तरफ होता है वो फेंसिंग पोजिशन में आ जाते हैं। उदाहरण के लिए अगर बेबी का सर बायीं ओर है तो उनका दायां हाथ फ्लेक्स करेंगे।

 

गलैन्ट रिफ्लेक्स 

एक हाथ में अपने बेबी को ऐसे लें कि उसका चेहरा नीचे की ओर हो और दूसरे हाथ उसकी त्वचा को रीढ़ की हड्डी के दोनों साइड सहलाएं। आप देखेंगे कि रीढ की हड्डी के जिस तरफ आप सहला रही हैं वो अपना सर  और पैर भी उधर ही की ओर ऐंठते हैं। 

चेतावनी – पैरेंट्स से अनुरोध है कि बिना विशेषज्ञ के इसे बच्चों पर ना आजमाएं। 

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Source: theindusparent