इस तरह एड़ी के दर्द से मिनटों में पाएं निजात

 

वो समय गया जब घुटनों में, पैर या कमर में दर्द हमारी दादी मांएं झेला करती थी अब तो नौजवानों को भी इस तरह की तकलीफें आए दिन उठानी पड़ती है । कारण है हमारा असंतुलित खान-पान और अनियमित दिनचर्या । 

पुराने समय के लोग 50 की उम्र के पार भी अधिक स्वस्थ महसूस करते थे क्योंकि उन्होंने सेहत के साथ इतना समझौता नहीं किया । आजकल की व्यस्त जीवनशैली में कई बार हमें अपनी सेहत को नज़रअंदाज करते हुए भी ज़िम्मेदारियां निभानी पड़ती है । उम्र चाहे कोई भी हो, हमारे रहन-सहन की आदतों ने असमय ही हमें सेहत से जुड़ी कई समस्याओं के बीच उलझा रखा है जिसमें से एक है एड़ी का दर्द ।

क्या आपके साथ ऐसा हुआ है कि एक अच्छी सी पार्टी नाईट के बाद जब आप अपनी ऊंची हील्स वाले सैंड्ल्स उतारने बैंठे और तभी एड़ी वाले हिस्से में दर्द का अनुभव हो ।

जी हां, ये दर्द ऐसा होता है कि चलने-फिरने में भी कष्ट होने लग जाता है लेकिन आराम करने से एक–दो दिनों में खुद ही ठीक भी हो जाता है ।कामकाज़ी महिलाएं जिन्हें अधिकांश रुप से खड़ा रहना पड़ता है उनको ऐंकल पेन से अधिक तकलीफें उठानी पड़ती है । दरअसल एड़ी वाले हिस्से की हड्डी पैर में सबसे लंबी होती है और जब उस पर ज़ोर बढ़ जाता है तो उसका कमज़ोर होना  लाज़िमी है । खैर, अगर आपमें से किसी को इस समस्या से नियमित रुप से रुबरु होना पड़ता है तो आईए इस लेख में जानें एड़ी के दर्द के कारण एवं इसे हमेशा के लिए भगाने के आसान उपाय...

क्यों होती है ये समस्या

बिना आदत के पैदल लंबी दूरी तय करने के कारण

आरामदायक फुटवेयर ना पहनने के कारण

अधिकांश रुप से पैर पर दबाब पड़ने के कारण

कैल्शियम की कमी के कारण

घरेलू स्तर पर कैसे करें उपचार

पैरों के विधिवत मसाज़ से लाभ मिलता है । इसके लिए किसी थेरेपिस्ट की आवश्यकता नहीं आप घर के सदस्य या अपने पार्लर वाली की मदद ले सकती हैं ।

गर्म और ठंढ़े पानी में बारी-बारी से पैर को डुबोने से भी दर्द आराम हो जाऐगा।

कुछ चीजों को मिलाकर दर्द के हिस्से पर बांधने से भी राहत मिलती है जैसे-काला तिल, ऐलोवेरा एवं अदरक को काली मिट्टी में मिलाकर गर्म कर लीजिए , अब इसकी पोटली एड़ी में बांधकर सिकाई करते रहें, आराम मिलेगा .

हड्डियां कमज़ोर हो रही हों तो दूध पीने की मात्रा बढ़ा दें साथ ही कैल्शियम सप्लिमेंट्स डॉक्टर की सलाह से खाएं ।

इसमें अश्वगंधा के चूर्ण का सेवन करना भी लाभदायक होता है । इसके अलावा हर सुबह फ्रेश ऐलोवेरा लगभग 50 ग्राम तक सेवन करें ।

अदरक से बनी साम्रगियां अपने खान-पान में शामिल करें । साथ ही प्रोटीन, कैल्शियम एवं विटामिन्स भरे खाद्य पर्दाथ अपनाएं ।

एड़ी के दर्द का रामबाण है एक लेप जिसको तैयार करना भी बड़ा आसान है । धीमी आंच पर ऐलोवेरा जैल किसी बर्तन में चढ़ा दें जब ये ठीक तरह गर्म हो जाए तो उसमें हल्दी के साथ नौशादर मिला दें । यह मिश्रण जब पानी छोड़ने लगे तब इसे गुन-गुना होने के लिए रखें । हल्का गर्म ही यह लेप लगाएं दर्द में राहत मिलेगी ।

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