इन देसी नुस्खों को अपनाएं और पाएं ओवेरियन सिस्ट से छुटकारा

वैसे तो ज्यादातर सिस्ट नुकसान नहीं पहुंचाते हैं लेकिन कुछ सिस्ट ऐसे भी होते हैं जिनके फट जाने या क्षतिग्रस्त हो जाने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती है।

महिला रोग विशेषज्ञों के अनुसार महिलाएं जिंदगी में एक बार या दो बार ओवेरियन सिस्ट से पीड़ित जरुर होती हैं और इससे पीड़ित महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये ज्यादातर मेनोपाउज के पहले महिलाओं में अधिक होता है लेकिन ये मेनोपाउज के बाद भी पाया जाता है।

ओवेरियन सिस्ट के होने का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल अंसुतलन होता है। रिर्सच के अनुसार शरीर में अधिक इस्ट्रोजन होने के कारण ओवेरियन सिस्ट बनते हैं।

हालांकि इसमें से ज्यादातर सिस्ट नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और इनके लक्षण भी नहीं होते लेकिन कई सिस्ट ऐसे भी होते हैं जो क्षतिग्रस्त हो तो गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं खड़ी कर सकते हैं।

अधिकतर सिस्ट खुद ही खत्म हो जाते हैं और ज्यादातर महिलाओं को आकस्मिक रूप से पता चलता है कि उन्हें सिस्ट है।

सिस्ट के प्रकार

फंक्शनल सिस्ट: महिला का शरीर हर महीने फॉलिकल का उत्पादन करता है। ये सिस्ट जैसे लगते हैं और हर महीने मासिक चक्र के दौरान एक अंडा रिलीज करते हैं। कभी-कभी शरीर जो फॉलिकल का उत्पादन करते हैं वो बढ़ते जाता है और इसलिए इससे जो सिस्ट बनता है उसे फंक्शनल सिस्ट कहते हैं। लेकिन अच्छी बात ये है कि फंक्शनल सिस्ट नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और खुद ही समय के साथ खत्म हो जाते हैं।

अन्य सिस्ट: इसके अलावा भी सिस्ट होते हैं जिसे dermoid, cystadenomas और endometriomas कहा जाता है। ये अलग-अलग कारणों से होते हैं जैसे इंडोमेटेरियल वॉल्स का बढ़ना और इसके साथ शरीर के और भी कई फैक्टर शामिल होते हैं। कई बार इस तरह के सिस्ट बढ़ जाते हैं और इनमें पानी या बलगम जैसा पदार्थ भर जाता है। ये कई बार दर्द भी देता है और फट भी सकता है।

सिस्ट को ठीक करने के लिए देसी उपचार

 

1. हर्बल चाय: कैमोमाइल चाय या बाकी हर्बल चाय जैसे मिंट, ब्लैकबेरी, रसबेरी इत्यादि से सिस्ट को काफी आराम मिलता है। हर्बल चाय आपको शांति देता है और दर्द को भी कम करता है। गर्म चाय आपके मासिक धर्म को बिल्कुल नियमित रखता है और साथ ही इसकी भी संभावना होती है कि सिस्ट खत्म हो जाए और आपक स्त्राव और अधिक नियंत्रित हो जाए।

2. चुकंदर का जूस: चुकंदर में बीटाकेनिन नाम का पदार्थ होता है जो शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है । अगर आप चुकंदर के जूस को गाजर के साथ मिलाएंगे तो आपको बहुत जल्द आराम मिलेगा।

3. गर्म दबाब: गर्म दबाब से सिस्ट से होने वाले समस्याओं को काफी आराम मिल सकता है। कई लोगों का मानना है कि गर्म कैस्टर तेल को कपड़े पर डालकर पेट सेंकने से काफी आराम मिलता है। इस बात का ख्याल रखें की अगर आपकी त्वचा पर चोट या घाव है तो तेल ना लगाएं। अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित या प्रेग्नेंट हैं तो भी इसे नजरअंदाज करें। बेहतर होगा कि आप इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह ले लें।

 

4. सोया से बचें: प्रोसेस्ड सोया प्रोडक्ट में एक पदार्थ होता है जो एस्ट्रोजन की नकल करता है और सिस्ट बना सकता है इसलिए अपनी डाइट से सोया हटा दें।