आपका बच्चा भी हो सकता है दस्त से परेशान..जान लें ये घरेलू उपचार

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अगर आपका बच्चा भी डायरिया से अक्सर जूझता है तो आपको यह घरेलू टिप्स हम बचाव के लिए बताने जा रहे हैं जो आपके बहुत काम आ सकते हैं...

बच्चों को दस्त होना काफी आम समस्या है। अगर यह समस्या किसी बड़े व्यक्ति को होती है तो वो कुछ ना कुछ करके संभाल लेता है। लेकिन अगर किसी बच्चे को दस्त लग जाते हैं तो उसकी देखभाल माता-पिता को ही करनी होती है। 

यह ऐसी समस्या है जिस कारण बच्चा कमज़ोर और सुस्त हो जाता है। ऐसे में शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो जाते हैं जिससे बच्चे में काफी कमज़ोरी आ जाती है। हालांकि यह एक आम समस्या है लेकिन अगर इसको नज़रअंदाज़ किया गया तो यह बच्चे के लिए घातक साबित होता है। 

दस्त होने का कारण

सबसे पहले तो आप यह जान लीजिए दस्त यानी डायरिया होने का कारण क्या है। तो आपको बताते चलें कि इसका सबसे आम कारण है एक विषाणु जिसका नाम है रोटावायरस। यह विषाणु अंतड़ियों को संक्रमित करता है और उसे नुकसान पहुंचाता है। 

इस कारण आंतों की अंदरूनी परत से तरल रिसाव होता है और जो भी भोजन खाया होता है उसका पोषण लगे बगैर ही भोजन इसमें से निकल जाता है। 

अधिकतर पांच साल की उन्र तक के बच्चे इसकी चपेट में ज़रूर आते हैं। अगर आपका बच्चा भी डायरिया से अक्सर जूझता है तो आपको यह घरेलू टिप्स हम बचाव के लिए बताने जा रहे हैं जो आपके बहुत काम आ सकते हैं...

इन बातों का रखें ख्याल

1. लगातार स्तनपान कराएं

आप सबसे पहले इस बात को हमेशा ध्यान में रखें कि दस्त लगने से बच्चे में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बहुत जल्दी होती है तो आप उसे लगातार तरल पदार्थ पिलाती रहें। आप बच्चे को स्तनपान लगातार कराती रहें।

2. ओ.आर.एस का घोल पिलाएं

स्तनपान कराने के साथ साथ आप अपने बच्चे को ओ.आर.एस का घोल या इलेक्ट्रोल का घोल एक एक चम्मच करके पिलाएं। इसके साथ ही आर नारियल पानी पिलाएंगी तो वो भी बच्चे के लिए लाभदायक रहेगा।

3. जूस पिलाएं

अगर आपका बच्चा नौ महीना से ज्यादा की उम्र का है तो आप उसे फलों का रस पिला सकती हैं। लेकिन शिशुओं के लिए एक हिस्से जूस में 10 हिस्से पानी मिलाकर देना सही रहता है।

4. दही का प्रयोग

जी हां..दही का इस्तेमाल भी काफी लाभदायक रहता है। दही में 'लाइव-क्लटर्स' नामक बैक्टीरिया होता है। यह बैक्टीरिया दस्त रोकने के लिए लैक्टिक एसिड को बनाता है तथा अंतड़ियाों को एक सुरक्षात्मक कवच प्रदान करता है। 

5. आलू का इस्तेमाल

आपको बता दें कि आलू में काफी मात्रा में स्टार्च होता है और दस्तों में काफी लाभदायक रहता है। आप उबले हुए आलू को मैश कर के अपने बच्चे को खिला सकती हैं ताकि उसके अंदर स्टार्च जाए, जो दस्त रोकने में मदद करेगा। 

6. दाल, खिचड़ी

आप बच्चे को हल्की दाल या पतली पतली खिचड़ी भी सॉलिड फूड के तौर पर खिला सकती हैं। लेकिन यह आप तभी खिलाएं जब अगर बच्चा दस्त के साथ उल्टियां ना कर रहा हो। लेकिन अगर बच्चा यह सब ना खाना चाहें तो ज़बरदस्ती नहीं खिलाएं। बस तरल पदार्थ उसे ज्यादा से ज्याद देती रहें ताकि पानी की कमी उसके शरीर में न हो।

ऐसे में डॉक्टर से करें संपर्क
हालांकि दस्त बच्चों में जल्दी ठीक हो जाते हैं लेकिन अगर यह सिलसिला ज्यादा चले तो आप डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। अगर आपको लगे कि आपके बच्चे के होठ सूख रहे हैं, वो बिना आंसूओं के रो रहा है या उसके हाथ पैरों का रंग फीका पड़ने लगा है तो आप डॉक्टर से संपर्क करने में देरी ना करें।