आटे के लजीज़ लड्डू सर्दियों में जरुर खाएं...मिलेंगे चौकाने वाले परिणाम

गेहूं के आटे, देशी घी, सूखे मेवे और शक्कर को मिलाकर बने ये लड्डू शाम के स्नैक्स के रुप में या सुबह के अर्ली ब्रेकफास्ट का एक स्वादिष्ट विकल्प तो है ही साथ में ये कड़ाके की ठंढ़ में हमारे शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है ।

मिठास, स्वाद और सेहत के अनूठे मेल से बनते हैं आटे के लड्डू । अगर आपने इसको चखा है तो अब तक इसका स्वाद आपकी ज़ुबान पर फिर से घुल गया होगा और इस लेख को पढ़ने के बाद ही आप किचन में जाकर इस स्वादिष्ट मिष्ठान्न को तैयार करने में जुट जाएंगी।

संयोगवश यदि आपमें से किसी को इसे तैयार करने की विधि पता नहीं हो तो अफसोस की कोई बात नहीं है ।

अन्य प्रकार के लड्डूओं जैसे (बूंदी, तिल, बेसन) की अपेक्षा इसे बनाने में समय और मेहनत दोनों कम लगते हैं । गेहूं के आटे, देशी घी , सूखे मेवे और शक्कर को मिलाकर बने ये लड्डू शाम के स्नैक्स के रुप में या सुबह के अर्ली ब्रेकफास्ट का एक स्वादिष्ट विकल्प तो है ही साथ में ये कड़ाके की ठंढ़ में हमारे शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है ।                                                                                                                                                                                                                    वैसे प्रचलित कहावत में ‘शादी के लड्डू’ का दर्जा बूंदी या बेसन के लड्डू में से किसे दिया गया है इसकी पुष्टि तो नहीं की जा सकी है पर ‘आटे के लड्डू’ को ‘पोस्ट डिलीवरी लड्डू’ जरुर कहा जा सकता है ।

चूंकि प्रसव के बाद काफी कमजोरी का अनुभव होता है और शिशु को स्तनपान कराने की वजह से भूख भी खूब लगती है इसलिए प्रचूर मात्रा में घी, मेवे के साथ सौंठ  को मिलाकर आटे का लड्डू तैयार किया जाता है ।

जिसके सेवन से कमर दर्द  और भीतरी कमजोरी से राहत मिलती है । नार्मल प्रसव के बाद जल्दी ही ये लड्डू खाने को मिलते हैं लेकिन सी-सेक्शन के बाद डॉक्टर ज़ख्म पूरी तरह ठीक होने के बाद ही ऐसी रिच डाईट लेने की सलाह देते हैं ।

संभव है कि आपमें से किसी को मेरी ही तरह पहले कभी इस लड्डू के विषय कुछ पता ना हो लेकिन प्रसव के बाद सासू मां या फिर अपनी मां ने बड़े ही प्रेम से आपके लिए आटे के लड्डू भिजवाएं हों...पहली बार इसका स्वाद लेने का वो अद्भुत आनंद...वाह!! आईए मौका है दस्तूर भी...आप भी इस लड्डू से जुड़ी अपनी यादें...ख़ास बातें, अपने अनुभव हमसे ज़रुर साझा कीजिए...  

आटे के लड्डू इतने फायदेमंद क्यों और कैसे

कहते हैं कि अच्छे खान-पान की चमक हमारे चेहरे पर झलकती है और सूखे फल तो हमारे स्वास्थ्य और सौंदर्य दोंनो को ही बरकरार रखने में सहायक होते है । आटे के लड्डू बनाने के दौरान आप अपनी पसंद का कोई भी सूखा फल मिला सकती है लेकिन काजू व बादाम से बने लड्डू ही आमतौर पर प्रचलित हैं ।

इस लड्डू की हर एक इनग्रेडिऐंट की अपनी अलग ख़ासियत  है तभी तो इसे इतना सेहतमंद माना जाता है ।

  1. काजू शऱीर को ताकत देती है, इसके सेवन से दांत और मसूढ़े स्वस्थ रहते हैं । इसमें मौजूद कॉपर बालों का टूटना कम करता है । खास कर ये हृदय रोग और कैंसर के ईलाज में भी उपयोगी है ।
  2. बादाम में प्रोटीन और फाइबर की बहुतायत होती है साथ ही इसमें विटामिन ई और कैल्शियम भी प्रचूर मात्रा में पाया जाता है । इसके अलावा बादाम खाने से याददाश्त भी तेज होता है।                                                
  3. देशी घी के विषय में बात करें तो ये हम सभी जानते हैं कि शुद्ध घी पंचामृत में से एक है । ख़ास कर सर्दी के मौसम में घी से बनी चीजों का सेवन शीत के असर से हमें बचाता है और ये हमारे लिए हर तरह से स्वास्थ्यवर्धक होता है ।
  4. इस लड्डू में आटे को भूनने के दौरान घी डाला जाता है फिर काजू, बादाम को भी घी में हल्का फ्राई किया जाता है । शक्कर का भूरा यानि पाउडर अपने स्वाद के हिसाब से डाला जाता है और गोलाकार में बांध दिया जाता है।
  5. अगर आप अधिक मात्रा में घी नहीं खाना चाहतीं हो तो आटा व सूखे मेवे को अलग-अलग रोस्ट करने के बाद उसमें गुड़ या शक्कर की चाशनी मिला कर लड्डू बना सकती हैं । 

डॉक्टर हो या डाइटीशियन अक्सर हमें यही सलाह दी जाती है कि एक निश्चित समय पर उचित मात्रा में ड्राई फ्रुट्स के नियमित सेवन से कई चौंकाने वाले फायदे मिलते  हैं ।

जैसे-सोने से पूर्व 4 बादाम, 1 अंजीर, डेढ़ स्पून खसखस, और एक अखरोट को पानी में भिगो दे और रोजाना सुबह इसका सेवन करें यानि बस एक मुट्ठी सूखे फल और फायदे अनगिनत ।

आपको ये भी मालूम हो इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है परिणामस्वरुप कई गंभीर बीमारियों के चपेट में आने से हमारा शरीर बच जाता है । इसलिए तो मेवे को मिलाकर तैयार  किया गया आटे का लड्डू हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद हैं ।