ICICI Bank ने महिला कर्मचारियों के लिए Work From Home ही शुरुवात की 

ICICI Bank ने महिला कर्मचारियों के लिए Work From Home  ही शुरुवात की 

महिला दिवस मनाने के एक दिन पहले आईसीआईसीआई बैंक के महिला कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम इनिशिएटिव का तोफा मिला जिसे  "आईवर्क@होम" का नाम दिया गया है,

इस मुहीम के फाएदे 

इस मुहीम को शुरू करने के पीछे मकसद है की महिलाएं पर्सनल कारणों से नौकरी न छोडें . इसके अंतर्गत ये सुविधायें दी जाती हैं :

  • इस योजना के तहत एक साल में 21000 महिलाओं को वर्क फ्रॉम होम मुहीम का हिस्सा बनाया गया है .
  • ये एक साल का समय बढाया जा सकता है अगर कर्मचारी इसकी डिमांड करें तो
  • 3 साल से कम के बच्चों को बिज़नस ट्रिप पर ले जाने की अनुमति
  • 3 स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल इस बात को सुनिश्चित करेगा की इस फैसिलिटी का लाभ केवल वो महिलाएं ही उठाएं जिन्हें असल में इसकी जरूरत है .बैंक ने एक यूनिक फेसिअल रिकग्निशन सिस्टम भी तैयार किया है जिससे किसी कर्मचारी के नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति काम पर न आने पाए . बैंक के प्रेस रिलीज़ में बताया गया है की इस तकनीक को आईआईटी दिल्ली में विकसित किया गया है .
एक शोद्ध के 2 साल बाद ये कदम उठाया गया है जिसमे ये निकल कर सामने आया की महिला कर्मचारी बच्चों और दूर ऑफिस न जा पाने के कारण नौकरियां छोड़ रही हैं .
वर्क फ्रॉम होम 

इस प्रोग्राम के तहत कर्मचारी ये टास्क कर पाएंगे

  • लोन देने के लिए बैंक के डॉक्यूमेंट चेक करना
  • चेक क्लीयरेंस इमेज बेस्ड स्ताय्ता की जांच के आधार पर
  • अकाउंट खुलवाने के लिए पहले स्तर की जांच पड़ताल
  • एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट डॉक्यूमेंट को प्रोसेस करना 
इस मुहीम को लांच करने के मौके पर आईसीआईसीआई की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ ने कहा " हमारे देश की कुल आबादी का 48 फीसदी हिस्सा महिलाओं का है लेकिन वर्क प्लेस पर उनकी मौजूदगी पुरुषों से कम है . बहुत सी महिलाएं जो काम शुरू कर पाती हैं उन्हें अपने पर्सनल लाइफ में बच्चों और मातृत्व के लिए नौकरी छोडनी पड़ती है "
उन्होंने ये भी कहा की न्यूक्लिअर फॅमिली से दूर ऑफिस तक आने जाने में जो मदद मिलनी चाहिए वो कई बार नहीं मिल पाती हैं . कामकाजी महिलायें नौकरी न छोडें इसके लिए एक जरुरी सिस्टम बनाने की जरूरत है, घर पर भी और दफ्तर में भी .".
हमने इस घोषणा के बारे में गाजिआबाद में एबीइएस इंजीनियरिंग कॉलेज की एचआर और कम्युनिकेशन हेड पियूष गोविल से बात की. उन्होंने बताया " ये एक कमाल का कदम है. इससे संस्थान की प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी . जब एक महिला काम पर जाती है तो उसके दिमाग में परिवार का ख्याल रहता है . घर पर काम करना इस तरह की सभी चिंताओं को दूर कर देगा और उन्हें उनके काम में मन लागाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा ट्रेवल न करने से समय की बचत भी होगी.
ट्वीटर पर भी इस घोषणा के बाद लोग हरकत में आ गये 

दुनियाभर के कई लोगों ने इस कदम को सराहनीय बताते हुए कई ट्वीट किये :

twitter.com/joohnnyff/status/707135514147577856?ref_src=twsrc%5Etfw

twitter.com/driftwood23/status/707071286024007680?ref_src=twsrc%5Etfw

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