अहोई अष्टमी पर बेटे के नाम एक मां का ख़त..पढ़ें जरूर

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एक बार फिर त्योहारों का मौसम आ चुका है और यह 15वां साल होगा जब मैं तुम्हारे लिए व्रत रखने वाली हूं। साल दर साल मैंने तुम्हें एक भोले भाले लड़के से नौजवान युवक के रूप में बदलते देखा है।

प्यारे बेटे,


सालों पहले जब मैं प्रेग्नेंट थी और तुम हमारी जिंदगी में आने वाले थे, तब मैंने अहोई अष्टमी पर उपवास रखने की शुरुआत की थी। हालांकि मुझे कुछ ना कुछ दिन भर खाते रहने को कहा गया था लेकिन बेटे मैंने 'निर्जला' व्रत रखा था।

ऐसा नहीं है कि ये हेल्दी था या मुझे किसी ने कहा था लेकिन मुझे अंदर से यह इच्छा हो रही थी कि मैं कुछ ऐसा करूं जो पहले मैंने किसी के लिए नहीं किया है। (करवा चौथ की बात अलग है क्योंकि मैंने तुम्हारे पापा को देखा था और तुम्हारा जन्म भी नहीं हुआ था)। मेरा दिल में मेरे अंदर पल रही जिंदगी के लिए ढेरों प्यार था जिसे मैंने देखा तक नहीं था।

किसी भी प्रेग्नेंट मां की तरह मेरा दिल भी उस नन्हीं जिदंगी के लिए उपवास कर काफी खुश था जो अंदर मुझे लात मार रहा था। मैंने उस दिन फैसला किया था कि मैं तुमसे बहुत प्यार करूंगी और तुम्हें नुकसान नहीं पहुंचने दूंगी। जैसे एक शेरनी अपनी बच्चे की रक्षा करती है, मैं भी पूरी तरह से रक्षा करने और मार्गदर्शन देने के लिए तैयार थी।

मैंने तुम्हें एक भोले-भाले बच्चे से नौजवान युवक बनते देखा है

एक बार फिर वो त्योहार आ चुका है और इस बार 15वें साल मैं ये उपवास तुम्हारे लिए रखने वाली हूं। इन सालों में मैंने तुम्हें एक क्यूट और भोले-भाले बच्चे से नौजवान लड़के के रूप में बनते देखा है। तुम्हें बड़ा होते देखना बेहद सुखद है लेकिन मैं एक बार फिर समय को पीछे ले जाकर तुम्हारे साथ और समय बिताना चाहूंगी!

मैं नहीं जानती कि तुम ये सब करना चाहते हो कि नहीं। खैर, जैसा कि अहोई अष्टमी बस आ ही चुका है तो मेरे दिमाग में कई तरह की बातें चल रही हैं। चूंकि आजकल तुम्हारे साथ बैठकर बात करना और समय बिताना काफी मुश्किल है इसलिए मैंने सोचा कि अपने विचारों को मुझे कलम के माध्यम से व्यक्त करना चाहिए।

 
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/ngg featured/dreamstime s 40354872.jpg अहोई अष्टमी पर बेटे के नाम एक मां का ख़त..पढ़ें जरूर

मैं जानती हूं कि जिंदगी वैसी नहीं है जैसी हम चाहते थे। तुम्हारी जिंदगी से अलग आशाएं हैं, और हम थोड़े अलग ख्यालात के हैं लेकिन आखिरकार किसी भी पैरेंट्स की तरह हम सिर्फ तुम्हारा भला ही चाहते हैं।

इसलिए यहां पर कुछ प्वाइंट्स मैं तुम्हारे साथ शेयर करना चाहती हूं। कुछ कीमती समय निकालकर इसे जरूर पढ़ना।

1.अपनी प्राथमिकताओं को समझो: हो सकता है ये काफी विवादास्पद हो क्योंकि तुम्हारी जिंदगी में अलग प्राथमिकताएं हैं लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि तुम्हें इसके बारे में सोचना चाहिए। 

2.गैजेट पर समय कम दो: तुम जो चाहो कह सकते हो लेकिन तुम्हें वाकई अपने गैजेट पर कम समय देने की जरूरत है। 

3.कुछ प्यारे पल हमारे साथ भी बिताओ: मुझे पता है कि तुम क्या बोलने वाले हो। तुम बोलोगे कि हमारे पास तुम्हारे लिए समय नहीं है लेकिन माई डियर अच्छा समय कभी भी, कहीं भी बिताया जा सकता है। ड्राइविंग के दौरान, सोने से पहले कभी भी। 

4.ज्यादा से ज्यादा दोस्त बनाओ: हम ये जरूर चाहते हैं कि तुम सिर्फ हमारे रहो लेकिन सिर्फ हम ही तुम्हारी जिंदगी का हिस्सा नहीं रह सकते। तुम्हें कुछ दोस्तों की जरूरत होगी जिनके ऊपर तुम निर्भर रहो और अपने सीक्रेट शेयर कर सको। उनके साथ तुम कुछ नए अनुभव लो..बिल्कुल निराले अनुभव। 

5.हमेशा हंसते रहो: तुम्हारी एक हंसी से हमारी जिंदगी और भी खूबसूरत हो जाती है इसलिए मेरे बेटे हमेशा हंसते रहो। हमें बहुत अच्छा लगेगा जब तुम्हारी हंसी हमेशा घर में गूंजती रहेगी।

6.जिंदगी में मस्ती जरूरी है: जो मैंने अबतक ऊपर लिखा है उसके हिसाब से ये तुम्हें विरोधाभासी लग सकता है लेकिन ये दोनों बिल्कुल अलग अलग बातें हैं। जितना हो सके अपनी जिंदगी को इंज्वॉय करो क्योंकि ये समय वापस नहीं आएगा। हर पल को जी भर जियो।

7.खुद को धोखे में मत रखो: ये बहुत ही महत्वपूर्ण है। हां तुम मेरे बच्चे हो और तुम्हारी रगों में मेरा खून है लेकिन जितना बेहतर तुम खुद को समझ सकते हो कोई और नहीं समझ सकता है। इसलिए बेटे खुद से सच बोलो क्योंकि जब तुम्हें लगे तुम किसी को धोखा दे रहे हो, लेकिन वो किसी और को नहीं बल्कि तुम खुद को धोखा दे रहे होगे।

8.खुद से प्यार करो: ये भी बेहद जरूरी है क्योंकि अगर तुम खुद से प्यार नहीं करोगे तो तुम किसी के नहीं प्यार कर पाओगे। खुद को अपनी अच्छाइयों और दोष के साथ स्वीकार करो। अपनी बुराई को अच्छाई से पराजित करो और बेटे तुम्हारे पास शक्ति है कि अपनी जिंदगी को जो चाहो वो आकार दे सको लेकिन अगर तुम खुद से प्यार करोगे तो तुम्हें खुद एक दिन अपनी वास्तुकला पर गर्व होगा।

मुझे लग रहा है कि अभी के लिए इतना काफी है। मुझे यकीन है कि तुम्हें ये बहुत अच्छा नहीं लगेगा लेकिन मेरा विश्वास करो ऐसा नहीं है। ये सिर्फ मेरा प्यार है जो ख़त के जरिये मैंने व्यक्त किया है। 

हो सकता है मैं बेस्ट मां नहीं हूं लेकिन मैं बनने की कोशिश कर रही हूं। 

मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। भगवान तुम्हें हमेशा खुश रखें।

ढेर सारा प्यार,

तुम्हारी मां