अमिताभ बच्चन ने किया खुलासा...कैसे करेंगे संपत्ति का बंटवारा

अमिताभ बच्चन ने किया खुलासा...कैसे करेंगे संपत्ति का बंटवारा

अमिताभ बच्चन ने हाल में ही शेयर किया कि वो अपनी संपत्ति का बंटवारा पारंपरिक तरीके से नहीं करेंगे

अमिताभ बच्चन हमेशा लिंग समानता की बातें करते हैं। पिछले कुछ सालों में वो लगातार महिलाओं की शक्ति और समानता का संदेश देते हैं। चाहे वो महिलाओं के सर्मथन की बात हो या उन्होने जिनके साथ काम किया उनके सर्मथन की बात रही हो ।

इस जमाने में भी कई पैरेंट्स ऐसे हैं जो अपनी संपत्ति पर अपने बेटे का ही अधिकार समझते हैं। लेकिन ये स्टार एक्टर ऐसे हैं जो ऐसा कुछ करने का इरादा नहीं रखते हैं।

अमिताभ बच्चन का वसीयत

अमिताभ बच्चन ने हाल में ही शेयर किया कि वो अपनी संपत्ति का बंटवारा पारंपरिक तरीके से नहीं करेंगे और सबको हैरत में डाल दिया। सोशल मीडिया पर उन्होंने इसकी जानकारी जिससे ज्यादातर पढ़े लिखे पैरेंट्स सहमत होंगे।

अमिताभ बच्चन इस तस्वीर में एक तख्ती लिए हुए हैं जिसमें लिखा है , "When I die, the assets that I shall leave behind, shall be shared equally between my son and my daughter! #GenderEquality #WeAreEqual." मतलब जब मेरी मृत्यु होगी, मेरी संपत्ती का बंटवारा मेरे बेटे और बेटी में बराबर होगा।

इस एक लाइन से यह पता चलता है कि अमिताभ बच्चन उन पैरेंट्स में से नहीं है जो अपने बेटे को बेटियों से ज्यादा अहमियत देते हैं। वो अपनी जायदाद में अपनी बेटी श्वेता बच्चन नंदा को भी हक देंगे जिनपर अमिताभ बच्चन गर्व करते हैं।

अमिताभ बच्चन ने ऐसा करके काफी अच्छा संदेश लोगो तक पहुचाने की कोशिश की है जिन्हें दूर दूर तक शहरी से ग्रामीण इलाके तक लोग सुनना पसंद करते हैं।हमें भी यह नहीं भूलना चाहिए लैंगिक समानता से महिलाओं के साथ पुरूषों को के लिए भी फायदा होता है और दुरगामी परिणाम होते हैं क्योंकि इससे समाज का भी विकास होता है और अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।

बच्चों में लिंग भेद नहीं करने से कैसे आपको फायदा मिलेगा

  • बच्चों को इज्जतदार इंसान बनाएं – जब हम अपने बच्चों को सिखाते हैं कि लोगों के बीच में भेदभाद नहीं करना चाहिए खासकर लड़के और लड़कियों में तो फर्क बिल्कुल भी नहीं तो मतलब साफ है कि आपके बच्चे भी बड़े होकर एक इज्जतदार इंसान बनेंगे।
  • बच्चों के अच्छे विचार दीजिए – हमें अपने बच्चों को सिखाना चाहिए कि वो जाति, धर्म, लिंग, क्षेत्र के आधार पर भेदभाव ना करें। हमें उदाहरण देकर बताना चाहिए कि हर किसी की जिंदगी जीने के अलग अलग तरीके क्यों होते हैं।
  • लोगों का उत्थान करें - ये जिंदगी की सबसे बड़ी शिक्षा और मूल मंत्र है जो बच्चों को सिखाएं कि अगर उसी लिंग का कोई और व्यक्ति आलोचना करे या निगेटिव कहे तो इसे गलत नहीं लेना चाहिए बल्कि खुद को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए।

इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें | 

Source: theindusparent

Any views or opinions expressed in this article are personal and belong solely to the author; and do not represent those of theAsianparent or its clients.

Written by

Deepshikha Punj