अपनी बेटी से Feminism बारे में बात करने के 6 Tips

अपनी बेटी से Feminism  बारे में बात करने के 6 Tips
हम सबको लगता है की हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ महिलाओं और पुरुषों को सामान नज़रिये से देखा जाता है, मगर ऐसा है नहीं । दुनियाभर में महिलाओं को अलग अलग चुनौतियों से जूझना पड़ता है फिर चाहे वो ट्रैफिकिंग हो, जेनिटल मुटिलशन, पे गैप, या शिक्षा । सच्चाई ये है को फेमिनिज्म को हमने कभी ऐसा सब्जेक्ट माना ही नही जिसके बारे में बच्चों से बात की जाए । ये जानते हुए भी की हने हमारी बेटियों को एम्पावरमेंट से जुडी बाते बतानी चाहिए हमारे पास उतना मटेरियल नहीं है उन्हें बताने के लिए ।हमने ऐसे 6 तरीके बताएं हैं जिससे उन्हें फेमिनिज्म के बारे में बताना आसान हो जाएगा ।
1. जेंडर बेंडर एक्टिविटी को सपोर्ट करें
अपनी बेटी को कभी भी किसी जेंडर पर आधारित खेलों को खेलने के लिए बाफि न करें । अगर उसे बास्केटबॉल खेलना है तो उसे खेलने दें, उसका मनोबल बढ़ाएं । दुनिया हमेशा आपको वो बताने की कोशिश करेगी जो आप है नहीं । अपनी बेटी को उन खेलों को खेलने देने से जिन्हें "मुस्कूलीन" कहा जाता है आप उसके आत्म-विश्वास को बढ़ा देते हैं ।

2. सेक्स इक्वलिटी से जुडी मजबूत उदाहरण पेश करें
फेमिनिस्ट मेंटालिटी विकसित करने के लिए जरूरी है की सबसे पहले घर में जेंडर लिमिटेशन खत्म की जाए । पिता हैं तो घर में खाना बनाने से पीछे न हटें, माँ हैं तो बाहर जाकर कमाने से पीछे न हटें। आपकी बेटी के लिए ये जानना जरूरी है की परिवार में जेंडर पर आधारित कोई रोल नही होते हैं।

3. एक विस्तृत वार्डरॉब के लिए प्रेरित करें ।
बच्चों का खुद को एक्सप्रेस कर पाना हमेशा बेहतर होता है फिर चाहे वो उनका वार्डरॉब ही क्यों न हो । आपकी बेटी का ये जानना भी जरूरी है की कोई भी चीज़ उनकी पंहुच से बाहर नही है । उसे नही लगना चाहिए की उसके लिए कोई ड्रेस तय कोए गए हैं । आपकी बेटी को उसे जो पसंद है वो पहनने की आज़ादी होनी चाहिए फिर चाहे सोसाइटी और मीडिया में उसके बारे में कैसे भी विचार हों। आपकी बेटी को जैसे कपड़े पसंद हैं उसे वैसे कपड़े पहनने के लिए प्रेरित करें।

4. अपने शब्द ध्यान से चुनें 

कई जेंडर स्टीरियोटाइप के भाषाएँ हैं जैसे "मैन अप", " लड़कियों की तरह रोना" इस तरह एक शब्दों के इस्तेमाल से बचें . अगर आप चाहते हैं की आपकी बेटी फेमिनिस्म सीखें तो इस तरह के स्टीरियोटाइप को उससे दूर रखें .

5. जेंडर स्टीरियोटाइप से या तो लड़ें या उसे इग्नोर करें 
स्टीरियोटाइप किसी व्यक्ति को या उसकी सोच को बदलते की शक्ति रखते हैं . आपकी बेटी तुरंत चीजों को सिख जाती है इसिलिल्ये उसे इन चीजों से दूर रखें .चाहे कुछ हो जाए, चाहे वो उसका फेवरेट कार्टून करैक्टर खेलते समय उसकी नाख़ून टूट जाए या कुछ भी हो उसके मन में ऐसे स्टीरियोटाइप ख्याल न आने दें, ये आपकी जिम्मेदारी है .
6. सेक्सिस्म को पहचानें
ये तो कहीं भी कभी भी सिखाया जा सकता है . याद है उसके फेवरेट कार्टून का खेलते समय नाख़ून टूट जाना ? अपनी बेटी को बताएं की ये सेक्सिस्ट कैसे है ? लेकिन वही रुक मत जाइए . उसके हर खिलौने में सेक्सिस्म से जुडी कई बाते बताने लायक आपको मिल ही जाएगी . उसे अभी से ये बताना शुरू कर दें ताकि उसमे फेमिनिस्म अभी से इंस्टाल हो जाए .

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