क्या आप अपनी बेटी के कान छिदवाना चाहती हैं? इन बातों का रखे ध्यान

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डॉ सलोनी काटोछ जो कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, व्हाइटफील्ड की कंसलटेंट हैं उनका मानना है कि पैरेंट्स को कम से कम 6 महीने इंतजार करना चाहिए।

अगर आपकी बेटी है तो आपने उसके कानों में छेद करवाने (Pierceing) के बारे में जरूर सोचा होगा। हो सकता है कई बड़ों ने सोचा हो कि जितना जल्दी हो ऐसा करवाना चाहिए लेकिन ये जरुरी नहीं। जल्दबाजी में फैसला ना लें।

डॉ सलोनी काटोछ जो कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, व्हाइटफील्ड की कंसलटेंट हैं उनका मानना है कि “ये पैरेंट्स की निजी पसंद होती है कि वो कब कान छिदवाना चाहते हैं। लेकिन सात-आठ साल सबसे सही उम्र है कि उनके कान Pierced हो क्योंकि इस समय तक उनकी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ठीक हो जाती है।“

सही उम्र

डॉ सलोनी ने साथ ही ये भी बताया कि हमारे देश में पैरेंट्स जल्द से जल्द कान में छेद करवाना चाहते हैं लेकिन उन्हें कम से कम 6 महीने इंतजार करना चाहिए।

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डॉ सलोनी ने बताया कि “मैं कम से कम सलाह दूंगी कि 6 महीने होने का इंतजार करें क्योंकि तब तक उन्हें टेटनस के और साथ ही और भी टीके लग जाएंगे जिसकी वजह से इंफेक्शन होने का खतरा ना के बराबर रहता है।“

अधिकतर घरों में किसी पुराने स्वर्णकार या जिसे इसे काम अनुभव हो उससे कान में Piercing करवाई जाती है लेकिन जरूरी नहीं है कि ऐसा है।

डॉ सलोनी ने इस बात पर जोर दिया की “कान हमेशा की डॉक्टर, सर्जन या डर्मेटोलॉजिस्ट से ही pierce करवाएं क्योंकि वो इस बात का ख्याल रखते हैं कि इस प्रक्रिया को हाइजेनिक और अच्छे समय ही किया जाए।“

उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि “त्वचा रोग विशेषज्ञ या पेडिट्रिशियन हमेशा सही गाइडलाइन फॉलो करते हैं जो बाकी नहीं फॉलो करते हैं। लेकिन अगर आपके आसपास कोई तव्चा रोग विशेषज्ञ ना हो तो ही लोकल प्रोफेशनल के पास जाएं।“

आप क्या करें और क्या नहीं

एक बार आपने बेबी के कान में छेद करवाने के बाद कई तरह की सावधानियां बरतना काफी जरूरी होती हैं ताकि किसी तरह इंफेक्शन ना हो। डॉ सलोनी ने हमें कई प्वांइट्स बताए कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

  1. इस बात का ख्याल रखें कि piercing साफ सुथरे तरीके से की गई हो। अपने हाथों को धोएं और उस एरिया पर एंटीबैक्टेरियल सॉल्युशन रूई से लगाएं।
  2. तव्चा रोग विशेषज्ञ जो भी लोशन दे उसे कम से कम दो सप्ताह लगाएं ताकि इंफेक्शन ना हो। डॉक्टर की दी सलाह पर ही चलें।
  3. ज्यादातर लोग बेबी की इयरिंग बदलना चाहते हैं जब घाव पूरी तरह भर जाता है लेकिन कम से कम 6 से 8 सप्ताह तक इंतजार करें क्योंकि Ear Walls को ठीक होने में समय लगता है।
  4. दबाने वाले इयरिंग को ना पहनाए इससे एलर्जी का खतरा रहता है। हमेशा स्टील के इयरिंग पहनाएं या फिर प्लेटिनम , टिटेनियम, 15-18 कैरेट के सोने के ईयरिंग पहनाए लेकिन दो महीने हो जाने के बाद।
  5. हमेशा देखते रहे कि कहीं इंफेक्शन, डिस्चार्ज तो नहीं हो रहा अगर हां तो डॉक्टर से जल्दी दिखाएं।
  6. गंदे हाथों से कभी वहां ना छुएं।
  7. धीरे धीरे ईयररिंग को घुमाएं की वहां कुछ जमा ना हो और वो एरिया साफ रहे।
  8. अगर बेबी एक साल से छोटी है तो उसे लोकल छेद करने वाले के पास नहीं बल्कि सिर्फ डॉक्टर के पास ले जाएं।

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Source: theindusparent